विनय

The Editing Startup

हम सभी जानते हैं कि गुस्सा किसी भी चीज़ का हल नहीं है। आज जब हर तरफ लोगों में आक्रोश भरा पड़ा है, ऐसे में विनय की कहानी जानना बहुत ज़रूरी है, जो पता नहीं कैसे, हर वक्त शांत रहता है।

मैं कूल हूँ


माने या ना मानें, हमारे युवा; खासकर महानगरों के युवा ऐसे ही होते जा रहे हैं। “मैं कूल हूँ” का टैग लगा कर हमारे इतिहास को यूज़लैस बताते हुए आगे निकल जाना ही अब कूल है।

तन्हाई की गूँज


आवाज़ मैं अपनी कहाँ ढूंढ़ती, मेरी तरह मेरे रस्ते भी खोए हुए थे ।
न मंज़िल का पता था, न इस रस्ते का और न ही मेरे इस सफ़र का।

6 प्वाइंटर – 9 प्वाइंटर


रिज़ल्ट आ गया इस सेमेस्टर का। जहाँ देखो वहाँ हड़कम्प मचा है। कोई पास हो जाने पर खुशियाँ मना रहा है तो कोई टॉप ना होने पर गम के आँसू बहा रहा है। पर एक बात तो पक्की है, ‘रिज़ल्ट’ ज़रूर आ गया है।